Aditya Vikram Birla Biography in Hindi – आदित्य विक्रम बिरला की जीवनी

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आदित्य विक्रम बिरला की जीवनी (Biography of Aditya Vikram Birla in Hindi):- आज के समय में भारत का हर व्यक्ति आदित्य विक्रम बिरला के बारे में जरूर से जनता है, क्योंकि आज के समय बहुत सारे अपने दैनिक जीवन बिरला ग्रुप के किसी ने किसी प्रोडक्ट का उपयोग जरूर से करते है।

इन्होंने अपने जीवन बहुत सारे सफलताएं पाई है और इन्हें बहुत सारे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है। आज हम आपको आदित्य विक्रम बिरला की जीवनी (Biography of Aditya Vikram Birla in Hindi) के बारे में ही बताने वाले है।

आदित्य विक्रम बिरला का जीवन परिचय हिंदी में: Aditya Vikram Birla Biography in Hindi

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आदित्य विक्रम बिड़ला की जीवनी हिंदी में : Aditya Vikram Birla in Hindi

वैसे तो वर्तमान समय मे बिड़ला ग्रुप की कंपनियों में लगभग 70 हजार से ज्यादा कर्मचारी कार्य करते है, परतु वास्तव में इस ग्रुप की मदद से लगभग 2 लाख से भी ज्यादा लोगों को यहाँ से अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है।

इनके अलावा राष्‍ट्रपति‍ श्री प्रणब मुखर्जी ने जनवरी 2013 में आदि‍त्‍य वि‍क्रम बि‍रला की याद में ‘’प्रथम भारतीय अंतर्राष्‍ट्रीय उद्योगपति‍’’ के विषय के रूप में डाक टिकट भी जारी किए थे

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आदित्य विक्रम बिरला का प्रारंभिक जीवन :-

भारत के प्रसिद्ध बिज़नेस मैन आदित्य विक्रम बिरला का जन्म 14 नवम्बर 1943 को पश्चिम बंगाल राज्य के कोलकाता (भारत) शहर में हुआ था।

इनके पिता का नाम बसंत कुमार बिड़ला था और इनकी माता का नाम सरला बिड़ला था। आदित्य विक्रम बिरला के दादा का नाम जीडी बिरला था, इनके पिताजी और दादाजी दोनो उधोगपति ही थे, इनके दादाजी ने भारत के प्रसिद्ध “बिरला ग्रुप” के संस्थापक थे।

आदित्य विक्रम बिरला की शादी व परिवार :-

आदित्य विक्रम बिरला जी के महात्मा गांधी जी के साथ मे बहुत ही अच्छे सम्बन्ध थे, इन्होंने सबसे पहले भारत की प्रसिद्ध अम्बेसडर कार का निर्माण किया था और यही से इनके व्यवसाय की शुरुआत हुई थी।

आदित्य विक्रम बिरला ने सन 1965 में राजश्री बिरला देवी से शादी की थी, इसके दो बच्चे है, इनकी बेटी का नाम वासवदत्ता है और इनके बेटे का नाम कुमार मंगलम है।

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1 अक्टूबर 1995 को मात्र 51 वर्ष की आयु में आदित्य विक्रम बिरला की प्रोस्टेट कैंसर बीमारी के कारण बाल्टीमोर, संयुक्त राज्य अमेरिका में इनकी मृत्यु हो गई थी। और वर्तमान समय मे बिड़ला ग्रुप का सारा काम इनके बेटे कुमार मंगलम सम्भालते है।

आदित्य विक्रम बिरला की शिक्षा :-

आदित्य विक्रम बिरला ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा कोलकाता के ही एक छोटे से स्कूल से पूरी की थी, इनके बाद में इन्होंने कोलकाता शहर में स्थित सेंट जेवियर्स कॉलेज से विज्ञान के विषय में स्नातक किया था।

कोलकाता से स्नातक की पढ़ाई करने के बाद में आदित्य विक्रम बिरला बोस्टन चले गए थे और यहाँ पर इन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में कैमिकल इंजीनियरिंग की तैयारी की और यहाँ से इसकी डिग्री लेने के बाद में आदित्य विक्रम बिरला वापस भारत आ गए थे।

आदित्य विक्रम बिरला का कारोबार –

बोस्टन से भारत आते ही आदित्य विक्रम बिरला जी अपने खानदानी बिज़नेस को और बढ़ाने में लग गए थे, परतु इसके बाद में इन्होंने भारत मे ‘ईस्टर्न एक्सप्रेस मिल्स’ के नाम से कपड़ो को बचने का बिज़नेस शुरू किया था और बिज़नेस कोलकाता में बहुत ही अच्छे से चला था।

इस बिज़नेस में इनको बहुत ही अच्छी सफलता मिली थी, जिससे इनके खानदानी बिज़नेस का और ज्यादा विकास हुआ था।

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इसके बाद में आदित्य विक्रम बिरला ने अपने जीवन एक बाद में एक बहुत सारे अलग अलग प्रकार कस बिज़नेस शुरू किए थे जिन सब मे उन्हें बहुत ही अच्छी सफलता प्राप्त हुई थी।

इसके बाद में इन्होंने बिड़ला ग्रुप को आयल के क्षेत्र में विकसित करने का सोचा था और इसका भी बिज़नेस करना शुरू कर दिया जिसमें इनको बहुत ही अच्छी तरह से सफलता मिली थी।

भारत मे अपने बिड़ला ग्रुप का पूर्णत विस्तार करने के बाद में आदित्य विक्रम बिरला ने अपने बिड़ला ग्रुप को विदेश में भी विकसित करने का सोचा था।

इन्होंने अपने बिड़ला ग्रुप की सबसे पहली विदेशी कंपनी सन 1969 में थाईलैंड में ‘इंडो-थाई सिंथेटिक्स कंपनी लिमिटेड’ के नाम से एक कंपनी की स्थापना की थी। इस कंपनी को बहुत ही अच्छी सफलता मिली थी।

इसके बाद में आदित्य विक्रम बिरला ने सन 1973 में अपने बिड़ला ग्रुप की स्पन यार्न के निर्माण के लिए एक नई कंपनी की ‘पीटी एलिगेंट टेक्सटाइल’ की स्थापना की थी। इस देश मे सबसे पहले इसी कंपनी की स्थापना की गई थी।

इन सब के बाद में आदित्य विक्रम बिरला ने अपने बिड़ला ग्रुप के विकास के लिए निम्नलिखित कंपनियों की स्थापना की थी।

  • सन 1974 में ‘विस्कोस रेयान स्टेपल फाइबर’ के लिए थाईलैंड में ‘थाई रेयान’ नामक कंपनी की स्थापना की थी।
  • सन 1975 में स्पन यार्न के उत्पादन के लिए भारत-फिलिपिनो जॉइंट वेंचर नामक कंपनी की स्थापना फिल ग्रुप के साथ ने की थी।
  • सन 1977 में मलेशिया में ‘पैन सेंचुरी एडिबल ऑयल्स’ कंपनी की स्थापना की थी जो आगे चलकर दुनिया की सबसे बड़ी एकल पाम आयल रिफाइनरी बन गई थी।
  • सन 1978 में थाईलैंड में पहली ‘कार्बन ब्लैक’ नामक कंपनी की स्थापना की थी।
  • सन 1982 में इंडोनेशिया मे ‘पीटी इंडो भारत रेयान’ नामक कंपनी की स्थापना की थी।

इन सभी अलग अलग प्रकार की कंपनियों की स्थापना करने के कारण बिड़ला ग्रुप का बिज़नेस बहुत ही बड़ा हो गया था, और लगभग सभी प्रकार का बिज़नेस इस ग्रुप के द्वारा किया जाने लगा था।

इन सब के बाद में धीर धीर भारत के सभी बड़े बिज़नेस मैन में आदित्य विक्रम बिरला को भी गिना जाने लगा था।

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विदेशो में स्थापित की गई सभी कंपनियों को अपार सफलता मिलने के बाद में बिड़ला ग्रुप भारतीय उद्योगपति के द्वारा स्थापित की गई भारत की सबसे बड़ी बहु राष्ट्रीय कंपनी बन गई थी।

इसके बाद में सन 1980 तक आदित्य विक्रम बिरला ने अपने बिज़नेस का विस्तार दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया और मध्य पूर्व में पूरी तरह से कर लिया था और लगभग 19 अलग अलग प्रकार की कंपनियों की स्थापना की थी।

आदित्य विक्रम बिरला को मिले पुरस्कार –

आदित्य विक्रम बिरला को उनके जीवन मे यह सब पुरस्कार मिले थे।

  • सन 1978 में बंबई महानगर के जेसीज द्वारा उत्कृष्ट युवा व्यक्ति का पुरस्कार मिला था।
  • सन 1984 में उत्तर बंबई के जेसीज द्वारा उत्कृष्ट नागरिक का पुरस्कार मिला था।
  • सन 1985 में अमरावती चैम्बर् ऑफ़ कॉमर्स के द्वारा ‘मैन ऑफ़ द इयर’ का पुरस्कार मिला था।
  • सन 1986 में विशालकाय अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था।
  • सन 1990 में मद्रास मैनेजमेंट एसोसिएशन के द्वारा बिजनेस लीडरशिप का पुरस्कार मिला था।
  • सन 1990 में बिजनेस इंडिया के द्वारा ‘बिज़नसमैन ऑफ़ द इयर’ पुरस्कार मिला था।
  • सन 1992 मे ‘मैनेजमेंट मैन ऑफ़ द इयर’ का पुरस्कार भी मिला था।
  • सन 1992 में एफआईई फाउंडेशन के द्वारा राष्ट्र भूषण के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • सन 1994 में प्लेटिनम जुबली रोटरी के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
  • सन 1995 में रोटरी इंटरनेशनल के द्वारा वोकेशनल उत्कृष्टता का पुरस्कार भी मिला था।
  • सन 1996 में आल इंडिया एसोसिएशन ऑफ़ इंडस्ट्रीज के द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
  • और सबसे अंत मे सन 1996 में भारतीय सीमेंट उद्योग के विकास में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इन सब पुरस्कारो के अलावा भी आदित्य विक्रम बिरला को अपने जीवन मे ‘डेडिकेटेड ह्यूमन सर्विसेज’ एवं पॉल हैरिस फैलो आदि सभी बहुत सारे अलग अलग प्रकार के पुरस्कारो से सम्मानित किया गया था।

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भारत व विदेश में आदित्य विक्रम बिरला ने अपने बिड़ला ग्रुप के विकास के तहत कपड़ा, सीमेंट, एल्युमीनियम, रसायन, उर्वरक, फाइबर, वित्तीय सेवाओं, स्पंज आयरन, सॉफ्टवेयर, और पेट्रो रिफाइनरी जैसे बहुत सारे अलग लग प्रकार के क्षेत्रों में बहुत सारी अलग अलग प्रकार की कंपनियों की स्थापना की थी और इनसे बहुत ज्यादा मात्रा में लाभ कमाया था।

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